शनिवार, 7 फ़रवरी 2026

प. पू. डाॅ. हेडगेवार जी के विचार

हमारा  कार्य सम्पूर्ण समाज के लिए होने के कारण , उसके किसी भी अंग की उपेझा करने से काम नहीं चलेगा। समस्त हिन्दू बांधवों से फिर वे किसी भी श्रेणी में क्यों न हों , हमारा व्यवहार समान रूप से प्रेम का होना चाहिये । किसी भी हिन्दू बन्धू को निम्न समझकर दुत्काना महापाप है। 

                                                                         प. पू. डाॅ. हेडगेवार 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

प. पू. डाॅ. हेडगेवार जी के विचार

हमारा  कार्य सम्पूर्ण समाज के लिए होने के कारण , उसके किसी भी अंग की उपेझा करने से काम नहीं चलेगा। समस्त हिन्दू बांधवों से फिर वे किसी भी श्...