Kitni mohabbat h unse, humse btaya na gya.. Wo samjh na sake ya humse smjhaya na gya...Unhone hath thaamne ki koshish na ki or humse hath bhadaya na gya..
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
प. पू. डाॅ. हेडगेवार जी के विचार
हमारा कार्य सम्पूर्ण समाज के लिए होने के कारण , उसके किसी भी अंग की उपेझा करने से काम नहीं चलेगा। समस्त हिन्दू बांधवों से फिर वे किसी भी श्...
-
कभी थे अकेले हुए आज इतने नहीं तब डरे तो भला अब डरेंगे विरोधों के सागर में चट्टान है हम जो टकराएंगे हमसे मौत अपनी मरेंगे लिया ह...
-
जब हम किसी नेता , मोटीवेशन वक्ता या ऐसे किन्ही व्यक्तियों को देखते तो हम यह सोचते है कि क्या हम इस प्रकार से कभी बोल सकते है । कैसे एक न...
-
लक्ष्य शिखर की ओर अग्रसर , भारत का पावन अभियान लोकशक्ति के स्वप्नों पर अब , युवा शक्ति भी है गतिमान आओ तीव्र ...
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएं